sunil kumar sagar

sunil kumar sagar

Monday, April 20, 2009

जरा आप बताये



क्यो एक्सरे की कन्या भूर्ण रिपोर्ट आते ही

जन्म से पहले मार दी जाती है लड़कियाँ ?

क्यो कोख में कन्या भूर्ण आते ही दिल

पर बोझ बन जाती है लडकियाँ ?

क्यो अग्नि जहर व आत्म हत्या आदि से

मर जाती है लड़कियाँ ?

योग्य वर की तालाश में पिता की आत्म

हत्या का कारण बन जाती है लड़किया ?

क्यो कुछ समय के लिया स्तेमाल करके

दारू की बोतल की तरह फेक दी जाती है

लडकियाँ ?

क्यो सामाजिक परम्परा शिखार हो

कर मीरा बन जाती है लडकियाँ ?

क्यो खामोश हैं, समाज जब इस कद्र
गुम हो रही हैं लड़किया ?
अरे ! मेरे समाज कही ऐसा न की जुबानों
पर ही न रह जाये लड़कियाँ ।
कल पूछे कोई तो बताये कैसी होती
हैं लडकियाँ ?

6 comments:

  1. हिंदी ब्लाग लेखन के लिए स्वागत और बधाई
    कृपया अन्य ब्लॉगों को भी पढें और अपनी टिप्पणियां दें

    कृपया वर्ड-वेरिफिकेशन हटा लीजिये
    वर्ड वेरीफिकेशन हटाने के लिए:
    डैशबोर्ड>सेटिंग्स>कमेन्टस>Show word verification for comments?>
    इसमें ’नो’ का विकल्प चुन लें..बस हो गया..कितना सरल है न हटाना
    और उतना ही मुश्किल-इसे भरना!! यकीन मानिये

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  2. अच्छी रचना। बधाई। ब्लॉगजगत में स्वागत।

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  3. Sadiyon ye dard sahtee aayi hain ladkiyan...afsos!
    Blog jagat me tahe dilse swagat hai aapka!

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  4. बहुत ही सुंदर रचना है। ब्लाग जगत में द्वीपांतर परिवार आपका स्वागत करता है।
    pls visit....
    www.dweepanter.blogspot.com

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  5. कविता लिखरहे हो या टिप्पणी या प्रश्न पूछरहे हो ,भाई? पूछे गई सारी बातें सदियों से कही पूछी जारहीं हैं, जवाव...????----इसका कारण समाज नहीं, आप, हम ,वे सब ही हैं। सब अपना अन्तर्मन खोजें और जानें, दूसरों में उत्तर न खोजें ।

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